Thursday, May 13

Phir Usi Mod Pe ( Triple Talak ) Releasing Shortly All Over India

फिर उसी मोड़ पर  ( ट्रिपल तलाक़ ) समस्त भारत में जल्द होगी प्रदर्शित

तीन तलाक के मुद्दे पर आने वाली फ़िल्म “फिर उसी मोड़ पर” में एक अहम भूमिका निभाने वाले और सीनियर एक्टर कंवलजीत सिंह का गुस्सा तीन तलाक के विरुद्ध उस समय फूट पड़ा जब यहां मुम्बई में इस मूवी की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान मीडिया ने उनसे तीन तलाक के संदर्भ में सवाल किया। उन्होंने बड़े गुस्से वाले अंदाज़ में कहा “तीन तलाक जैसी चीज आज के मॉडर्न ज़माने में हो रही है। पुरुष एसएमएस करके या फोन पर “तीन तलाक” दे देते है और महिला को कह देते है “जा तुझे छोड़ा”। यह न अक्ल की बात है, न कोई सही बात है। मुझे सोशली तीन तलाक ठीक नही लगता। ”

कंवलजीत सिंह ने यह भी कहा कि यह फ़िल्म किसी विशेष पार्टी को खुश करने के लिए नही बनाई गई है। लेख टन्डन जैसे लेखक निर्देशक इस सोच के साथ फ़िल्म कतई नही बना सकते। समाज का एक ईशू उनके दिल पर लगा और उन्होंने इसे फ़िल्म का रूप दे दिया। ”

तीन तलाक के ज्वलन्त मुद्दे पर आधारित स्वर्गीय लेख टण्डन की फ़िल्म “फिर उसी मोड़ पर” की स्पेशल स्क्रीनिंग मुम्बई के फेमस स्टूडिओ मे रखी गईं, जहां आरएसएस के सीनियर लीडर और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक श्री इंद्रेश जी मुख्य अतिथि के रूप में हाज़िर थे। उन्होंने पूरी फिल्म देखी और फ़िल्म के सब्जेक्ट और इसके कंटेंट से बेहद प्रभावित हुए। इस फ़िल्म की विशेषता यह है कि इसे देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के भतीजे त्रिनेत्र बाजपाई ने प्रोड्यूस की है।

  

कंवलजीत सिंह, परमीत सेठी, भरत कपूर, गोविंद नामदेव, कनिका बाजपेयी, विनीता मलिक, Shikha Itkaan and जीविधा के अभिनय से सजी इस फ़िल्म के गाने नक्श लायलपुरी, अहमद वसी और इरशाद कामिल ने लिखे है जबकि फ़िल्म के सह लेखक और निर्देशक सुरेश premvati बिश्नोई है।

फ़िल्म “फिर उसी मोड़ पर” की स्पेशल स्क्रीनिंग के अवसर पर आरएसएस के सीनियर लीडर और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक श्री इंद्रेश जी के अलावा मुस्लिम स्कॉलर ज़ीनत शौकत अली, आरएसएस की गीता ताई, भाजपा उद्योग अघाड़ी के अध्यक्ष प्रदीप पेशकार, कंवलजीत सिंह इत्यादि मौजूद थे।

फ़िल्म “फिर उसी मोड़ पर” को देखने के बाद आर एसएस के सीनियर लीडर और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मार्गदर्शक श्री इंद्रेश जी इसकी मेकिंग से इम्प्रेस हुए। उन्होंने इच्छा जाहिर की कि यह फ़िल्म एक पोसिटिव मैसेज समाज को देगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस किस्म की फिल्मो को टैक्स फ्री कर देना चाहिए। उन्होंने ग्रेट लेखक निर्देशक लेख टण्डन की मौत को बड़ा नुकसान बताया और त्रिनेत्र बाजपाई को बधाई दी कि उन्होंने स्वर्गीय लेख टन्डन की अंतिम फ़िल्म को रिलीज़ तक पहुचा दिया है।

आपको बता दें कि इस फ़िल्म को बर्लिन फ़िल्म फेस्टिवल में दिखाया गया है और इसे गोल्डन ट्रायंगल इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टीवल में बेस्ट म्यूजिक का अवार्ड दिया गया है।

इस अवसर पर मौजूद फ़िल्म एक्टर कंवलजीत सिंह ने लेख टन्डन से अपने पुराने और गहरे रिश्ते का ज़िक्र किया और कहा कि फ़िल्म में शाहरुख खान या अक्षय कुमार नही है लेकिन फ़िल्म लोगों की आंख खोलने वाली है। इसकी स्पेशल स्क्रेनिंग रखने का उद्देश्य यही है कि इसे ऐसे लोगो को दिखाया जाए जो इसे टैक्स फ्री करवाने की गुजारिश कर सकते है। ताकि इसका मैसेज ज़्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंच सके।

खूबसूरती से लिखे गानों को कर्ण प्रिय  संगीत से सजाया  है  त्रीनेत्र वाजपई  और अग्नेल – फैजान ने ।

—-Akhlesh Singh (PRO)

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