मायानगरी की डिमांड बने अरविन्द अकेला कल्लू ।
कहावत चरितार्थ है कि होनहार बिरवान के होत चिकने पात । बिहार के एक छोटे से जिले बक्सर के रहने वाले अरविन्द अकेला उर्फ़ कल्लू जी ने अपने कैरियर की शुरुआत एक अल्बम से किया था और आज उनकी प्रसिद्धि का आलम ये है कि हर फिल्म निर्माता उन्हें अपनी फ़िल्म में लेकर अपना व्यवसाय स्थापित करना चाहता है । एक दौर था जब भोजपुरी गायकी के क्षेत्र में बड़े बड़े धुरंधरों ने भी कल्लू से ईर्ष्या करना शुरू कर दिया था जब कल्लू जी का अल्बम " चोलिया के हूक राजा जी" बम्पर हिट हुआ था और तभी कल्लू जी का फ़िल्मी कैरियर भी शुरू नहीं हुआ था । प्रसिद्धि का यही आलम देख कर फिल्म निर्माताओं ने कल्लू को पहली बार सन 2010 में बताशा चाचा फिल्म में कास्ट किया और फिर उसके बाद से तो कल्लू ने फ़िल्मी कैरियर को अपना लक्ष्य बनाकर पूरा फ़ोकस उसी तरफ देना शुरू किया ।
कई बार ये होता है कि कोई प्रतिभा अपने दम पर आगे तो बढ़ती है लेकिन उसको पार...
