Anita Goel’s Art Exhibition Avataran From 4th February
अनीता गोयल की एकांकी कला प्रदर्शनी 'अवतरण' 4 फरवरी से
भारत में ब्रिटिश राज की समाप्ति के बाद देश में कई तरह के आमूलचूल परिवर्तन हुए मगर कहीं ना कहीं हमारी शिक्शा व्यवस्था पर पुरातनपंथी सोच अब भी हावी है. यूं तो सदियों से तमाम कलाकार अपनी कला के माध्यम से अपनी निजता का परिचय देते आ रहे हैं मगर इसके बावजूद कला की शिक्षा देने वाले
स्कूलों पर आज भी पाश्चात्य देशों का प्रभाव देखने को मिलता है जो एक ख़ास तरह की कला को बढ़ावा देते नज़र आते हैं.
उल्लेखनीय है कि जानी-मानी आर्टिस्ट अनीता गोयल ने पाश्चात्य कला के प्रभाव को अपने सोलो कला प्रदर्शनी 'अवतरण' के ज़रिए चुनौती पेश करने की कोशिश की है. इस कला प्रदर्शनी का आयोजन 4 फ़रवरी से किया जा रहा है जिसके माध्यम से अनीता गोयल आज की शैक्षणिक व्यवस्था को बदलने और कला के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने की उम्मीद रखती हैं.
वे कहती हैं, "कला संबंधी...












































